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जमशेदपुर पूर्व सीट से पिछड़ रहे सीएम रघुवर दास ने हार स्वीकार की

2022-09-29 15:00:54 608

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीBox Office: पहले वीकेंड में 'सम्राट पृथ्वीराज' ने कमाए इतने करोड़, वहीं 'विक्रम' के आगे धीमी पड़ी 'मेजर' की रफ्तार******Highlightsइस शुक्रवार अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' के साथ दो और फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि फैंस पूरी तरह कन्फ्यूज होंगे कि क्या देखें और क्या नहीं। इस बीच वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान की जिंदगी पर बेस्ड अक्षय कुमार की 'सम्राट पृथ्वीराज' और कमल हासन की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'विक्रम' में जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। जबकि आदिवी शेष की 'मेजर' भी ठीक-ठाक कमाई कर रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस वीकेंड को कौन सी फिल्म ने कितनी कमाई की है।बॉक्स ऑफिस इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुपरस्टार अक्षय कुमार की फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' के कलेक्शन में रविवार को अच्छी संख्या में वृद्धि हुई। शुरुआती दो दिनों में इस फिल्म ने 23.30 करोड़ रुपये की कमाई। वहीं तीसरे दिन यानी रविवार को इस फिल्म का आंकड़ा बॉक्स ऑफिस पर 16-17 करोड़ रुपये के बीच रहा। यानी इस हिसाब से अब तक इस फिल्म का कुल कलेक्शन 39-40 के आसपास करोड़ हो गया है। जबकि अक्षय की इस साल ही रिलीज हुई फिल्म 'बच्चन पांडे' ने पहले वीकेंड पर 37 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।कमल हासन की फिल्म 'विक्रम' ने शुरुआती सप्ताहांत में तमिल संस्करण के लिए 42 करोड़ रुपये कमाए। तीसरे दिन के कलेक्शन की बात करें तो शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने देशभर में सभी भाषाओं में 31 करोड़ की कमाई की है।आदिवी शेष की फिल्म 'मेजर' ने दो दिनों में बॉक्स ऑफिस पर 14.30 करोड़ रुपये की कमाई की है। जबकि तीसरे दिन इस फिल्म ने देशभर में करीब 7 करोड़ रुपये की कमाई की है।इस बीच, सम्राट पृथ्वीराज ने अन्य दो क्षेत्रीय रिलीज- विक्रम और मेजर- को हिंदी संस्करण में पूरी तरह से रूट कर दिया है। कमल हासन-स्टारर विक्रम ने जहां पहले वीकेंड में 2 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, वहीं आदिवासी शेष की मेजर ने 5 करोड़ रुपये कमाए। हालांकि, दोनों फिल्मों ने स्थानीय बाजारों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीये लोग ना खाएं बैंगन, सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक******बैंगन कई लोगों को बहुत पसंद होता है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बैंगन का नाम सुनते ही अजीब सी शक्ल बनाने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है हर मौसम में मिलने वाला बैंगन सेहत के लिए बेहतरीन होता है। ये ना केवल सेहत के लिहाज से अच्छा होता है बल्कि स्वाद में भी अच्छा होता है। गर्मियों में लोग बैंगन और आलू की सब्जी खाना ज्यादा पसंद करते हैं। वहीं, सर्दियों में इसका भर्ता भी खूब खाया जाता है। यहां पर आपका ये जानना जरूरी है कई गुणों से युक्त होने के बावजूद भी कुछ लोगों को बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा ना करना उनकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। जानिए किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।अगर किसी को किसी भी तरह की है तो आप बैंगन को खाने से बचें। ऐसा इसलिए क्योंकि हो सकता है कि बैंगन का सेवन करने से आपकी परेशानी और बढ़ जाए।अगर आप डिप्रेशन से गुजर रहे हैं तो बैंगन को खाने से बचें। ऐसा इसलिए क्योंकि डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति ज्यादातर दवाओं का सेवन करता है। ऐसे में अगर आप बैंगन का सेवन करेंगे तो उन दवाओं का असर कम हो सकता है।अगर आप आंख से संबंधित किसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो बैंगन को ना खाएं। हो सकता है कि इसका सेवन करने से आपकी समस्या पहले की अपेक्षा और भी बढ़ जाए।बवासीर से पीड़ित व्यक्ति भी बैंगन का सेवन करने से परहेज करें। हो सकता है कि आपकी दिक्कत और बढ़ जाए।आजकल की समस्या भी आम है। ऐसे में खानपान का खास ध्यान रखना जरूरी है। इसी वजह से आप बैंगन का सेवन करने से बचें। डॉक्टर्स के अनुसार बैंगन में ऑक्सलेट होता है जो किडनी के लिए हानिकारक होता है।अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो इसका मतलब है कि आप एनीमिया से ग्रसित हैं। ऐसे लोग भी बैंगन का सेवन करने से परहेज करें। डॉक्टर्स के अनुसार बैंगन के सेवन से रक्त बनने में दिक्कत हो सकती है।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीअगले 3 साल में 1000 LNG स्टेशंस लगेंगे, इन पर 10000 करोड़ रुपए का निवेश होगा: धर्मेंद्र प्रधान******अगले 3 साल में 1000 LNG स्टेशंस लगेंगे, इन पर 10000 करोड़ रुपए का निवेश होगा: धर्मेंद्र प्रधानदेश में अगले 3 साल में 1,000 LNG स्टेशंस लगेंगे और इन पर 10,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। यह बात पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कही।परिचालन लागत और कार्बन उत्सर्जन घटाकर LNG लंबी दूरी वाले परिवहन क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) को लंबी दूरी की परिवहन सेवा देने वालीबस और ट्रक इसलिए पसंद करती हैं, क्योंकि इसमें CNG के मुकाबले एनर्जी डेंसिटी ज्यादा होती है। एक बार LNG भर लेने के बाद ये वाहन 600-800 किलोमीटर चल सकते हैं।इसके अलावा LNG डीजल के मुकाबले 30-40 फीसदी सस्ता होता है।अभी तक भारत में वाहन चलाने के लिए ईंधन के रूप में पेट्र्रोल, डीजल, CNG और ऑटो-LPG का उपयोग होता है। LNG एक नई ईंधन होगी, जिसे पेट्र्रोल पंप जैसे आउटलेट सेवाहनों में भरा जा सकता है। सिर्फ लांग-हॉल बस और ट्रक में ही नहीं, बल्कि LNG का उपयोग बंकर फ्यूल के तौर पर माइनिंग इक्विपमेंट और रेल लोकोमोटिव में भी हो सकता है।प्रधान ने गुरुवार को पहले 50 LNG डिस्पेंसिंग स्टेशंस के निर्माण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि LNG परिचालन की लागत और कार्बन उत्सर्जन घटाएगी। अगले 3 साल में निजीऔर सरकारी क्षेत्र में 1,000 LNG स्टेशंस लगाने के लिए 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।प्रधान ने कहा कि देश में करीब 1 करोड़ ट्रक हैं। यदि हम सिर्फ 10 फीसदी (10 लाख) को भी LNG में तब्दील करा लें, तो भारी बचत होगी। LNG से करीब जीरो कार्बन उत्सर्जनहोता है। NOx का उत्सर्जन 85 फीसदी कम होता है।पहले 50 LNG स्टेशंस गोल्डन क्वार्डिलैटरल राजमार्गों पर लगाए जा रहे हैं। गोल्डन क्वार्डिलैटरल राजमार्ग चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ते हैं। आनेवाले समय में गोल्डन क्वार्डिलैटरल और प्रमुख राजमार्गों पर हर 200-300 km पर एक LNG स्टेशन होगा।सरकार अपने एनर्जी बास्केट में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को वर्तमान 6.2 फीसदी से बढ़ाकर 2030 तक 15 फीसदी करना चाहती है। इसी योजना के तहत LNG को भी ईंधन केतौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। सिटी गैस नेटवर्क का विस्तार, ट्र्रंक पाइपलाइन बिछाना, LNG (आयात) टर्मिनल बनाना, गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाना, कर ढांचा सरल करना औरयूनीफॉर्म और सरल किराया तय करना भी इसी योजना का हिस्सा है।प्रधान ने कहा कि पहले 50 LNG स्टेशन 1 साल में लग जाएंगे। LNG का उपयोग बढ़ने से क्रूड आयात भी घटेगा, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होगी। भारत अपनीजरूरत का 85 फीसदी क्रूड ऑयल और 50 फीसदी गैस आयात से पूरा करता है। LNG चूंकि डीजल के मुकाबले 30-40 फीसदी सस्ता होता है, इसलिए परिवहन और अन्य सेक्टर्समें इसके उपयोग से लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी और इससे महंगाई को भी कम रखने में मदद मिलेगी।पहले 50 में से सर्वाधिक 20 LNG स्टेशंस IOC लगाएगी। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) 11 और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड भी 11 स्टेशंसलगाएंगी। गैस बेचने वाली कंपनी गेल 6 आउटलेट लगाएगी और पेट्रोनेट LNG Ltd बाकी बचे हुए 2 आउटलेट लगाएगी।पहले 50 आउटलेट्स में सबसे ज्यादा 10 आउटलेट्स गुजरात में लगेंगे, देश की कुल LNG आयात क्षमता में करीब दो-तिहाई योगदान करता है। महाराष्ट्र्र और तमिलनाडु दोनोंराज्यों में 8-8 LNG स्टेशंस लगेंगे। इन दोनों राज्यों में भी LNG टर्मिनल्स हैं। आंध्र प्रदेश में 6, कर्नाटक में 5, केरल में 3, ओडिशा में 1, तेलंगाना में 2, हरियाणा में 1, राजस्थान में 3,उत्तर प्रदेश में 2 और मध्य प्रदेश में 1 LNG आउटलेट लगेंगे।देश में ईंधन के रूप में LNG का पहली बार ट्रायल IOC और टाटा मोटर्स ने 2015 में किया था। इसके बाद 2016 में पहली बार LNG से चलने वाली बस लांच की गई थी। अबLNG का उपयोग का वाणिज्यिक तौर किया जा रहा है।

जमशेदपुर पूर्व सीट से पिछड़ रहे सीएम रघुवर दास ने हार स्वीकार की

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीLebanon Bank: बेरूत में हथियारबंद शख्स ने बैंक में घुस कर्मचारियों को बनाया बंधक, कहा- मेरा पैसा मुझे दे दो******Highlightsलेबनान की राजधानी बेरूत में एक बंदूकधारी शख्स गुरुवार को एक बैंक में घुस गया और वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। हथियारबंद शख्स मांग कर रहा है कि बैंक में जो पैसे उसने जमा किए हैं, वे उसे दे दिए जाएं, नहीं तो वह खुद को आग लगा लेगा। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शख्स की पहचान 42 वर्षीय बस्सम अल-शेख हुसैन के तौर पर हुई है जो बेरूत के हमरा जिले में फेडरल बैंक में घुस गया है। उसके पास ज्वलनशील पदार्थ से भरा कनस्तर है और उसने 6-7 कर्मचारियों को बंधक बनाया हुआ है।बैंक एम्प्लॉइज सिंडिकेट के प्रमुख जॉर्ज अल हज ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 7-8 कर्मचारियों के साथ ही 2 ग्राहकों को भी उसने बंधक बना लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, व्यक्ति ने चेतावनी देने के लिए 3 गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि बैंक में उसके करीब 2 लाख डॉलर (लगभग 1.6 करोड़ रुपये) फंसे हुए हैं। बता दें कि लेबनान की आर्थिक हालत पिछले कुछ सालों में बद से बदतर हुई है। इस देश में 2019 के अंत से ही कैश की कमी है और बैंकों से विदेशी करंसी निकालने पर बेहद कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं।बंधक संकट से निजात दिलाने के लिए लेबनान के सैनिकों, खुफिया एजेंटों और देश के आंतरिक सुरक्षा बल के पुलिस अधिकारियों ने इलाके को घेर लिया है। अधिकारी हुसैन से बातचीत कर किसी समाधान पर पहुंचने की कोशिश में हैं लेकिन उन्हें अब तक कामयाबी नहीं मिली है। हुसैन ने एक बंधक को छोड़ कर दिया है जिसे एंबुलेंस से ले जाया गया है। इससे पहले मोबाइल से शूट किए गए एक वीडियो में दिख रहा था कि शख्स हाथ में शॉटगन लिए हुए है और अपने पैसे वापस मांग रहा है।एक और वीडियो सामने आया है जिसमें पुलिस के 2 अफसर उससे कम से कम एक को आजाद करने की गुजारिश कर रहे हैं। हालांकि अफसरों की अपील का शख्स पर कोई असर नहीं हुआ और उसने किसी को भी रिहा करने से इनकार कर दिया। घटना में बच निकले बैंक के एक ग्राहक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह अस्पताल में भर्ती अपने पिता के इलाज के लिए अपने जमा किए गए पैसों में से 2 हजार डॉलर दिए जाने की मांग कर रहा है।इस बीच उसके भाई आतिफ ने कहा कि अगर हुसैन का पैसा उसे वापस कर देता है तो वह सरेंडर कर देगा, क्योंकि उसे पिता के इलाज का बिल चुकाने और परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत है। आतिफ ने कहा कि उसका भाई कोई बदमाश नहीं है, सभ्य व्यक्ति है। इस बीच, दर्जनों प्रदर्शनकारी इलाके में आ गए और उन्होंने की सरकार तथा बैंकों के खिलाफ नारेबाजी की। पिछले कुछ महीनों में सरकार के खिलाफ खराब आर्थिक हालात पर प्रदर्शन तेज होते गए हैं।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीराजस्थान के झालावाड़ जिले में दूसरे चरण में संतरा उत्पादन 60 फीसदी घटा******राजस्थान के झालावाड़ जिले में दूसरे चरण में संतरा उत्पादन 60 फीसदी घटाकोटा (राजस्थान): संतरे की बागवानी के लिए चचिर्त राजस्थान के झालावाड़ जिले में पिछले वर्ष वर्षा कम होने से संतरे के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा और दूसरे फूल वाले उत्पादन में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। झालावाड़ के संतरे कुछ वर्ष से बाजार में विशेष स्थान बना चुके है। यहां के संतरे के महाराष्ट्र के नागपुर में उत्पादित प्रसिद्ध संतरों से अधिक स्वादिष्ट माने जतो हैं। झालावाड़ जिले के बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक, पीके गुप्ता, ने कहा कि जिले के डूंग, भवानीमंडी और पेदावा झालरापाटन क्षेत्र में 40,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में संतरे के बागीचे हैं। इस क्षेत्र में फूल के दूसरे सीजन में संतरे के लाखों टन फल आते हैं।उन्होंने कहा कि जिले में पिछले साल प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों ने संतरे के उत्पादन को केवल 40 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल, जुलाई-अगस्त में फूल लगने के दूसरे चरण में 3,28,000-3,30,000 टन संतरा उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन, इस साल इस मौसम में उत्पादन केवल 1,31,000 टन रहने का अनुमान है। इससे काश्तकारों को भारी नुकसान हुआ है। संतरे पर साल में तीन बार- अप्रैल, अगस्त, दिसंबर में फूल लगते हैं।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीT20 World Cup 2022 : पाकिस्तान के सामने बहुत बड़ा संकट, अभी तक नहीं हुआ टीम का ऐलान******Highlights टी20 विश्व कप 2022 के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। लेकिन पाकिस्तानी टीम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। जबकि टीम के ऐलान की आखिरी तारीख करीब आ गई है। एशिया कप 2022 के फाइनल में श्रीलंका से हारने के बाद पाकिस्तानी सेलेक्टर्स को अभी तक समझ नहीं आ रहा कि टीम का सेलेक्टशन कैसे किया जाए। किस खिलाड़ी को शामिल किया जाए और किसे नहीं। सबसे खास बात ये भी है कि टी20 विश्व कप 2022 में पाकिस्तान का पहला ही मुकाबला टीम इंडिया से है, इसलिए पाकिस्तान अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम चुनना चाहता है। इस बीच ये भी करीब करीब पक्का माना जा रहा है कि एशिया कप 2022 के कई खिलाड़ियों की टीम से छुट्टी होने वाली है।इसी साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले विश्व कप 2022 के लिए टीम इंडिया के अलावा इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, नामीबिया, नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान कर दिया गया है। वहीं अभी तक जिन टीमों का ऐलान नहीं किया गया है, उसमें पाकिस्तान के अलावा न्यूजीलैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे, स्कॉटलैंड, आयरलैंड और यूएई की टीमें शामिल हैं। लेकिन इन टीमों में से सबसे ज्यादा नजर पाकिस्तान पर है। क्योंकि इस टीम ने एशिया कप के फाइनल तक अपनी जगह बनाई थी। इतना ही नहीं इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान के दौरे पर पहुंच चुकी है और इन दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज खेली जाएगी, इसके लिए भी अभी तक पाकिस्तान ने अपनी टीम का ऐलान नहीं किया है, जबकि कुछ ही दिन में ये सीरीज शुरू हो जाएगी।पाकिस्तान क्रिकेट टीम का ऐलान इसलिए भी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि एशिया कप के लिए जो टीम चुनी गई थी, उस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक ने भी एशिया कप के फाइनल में हारने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी बात प्रमुखता से रखी थी। उन्होंने इशारों इशरों में बहुत सारी बातें कह दी थी। एशिया कप के शुरू होने से पहले ही कहा जा रहा था कि पाकिस्तान का मिडल आर्डर काफी कमजोर है और ये टीम एशिया कप की चैंपियन शायद न बन पाए और हुआ भी ऐसा ही। इतना ही नहीं पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम भी पूरे एशिया कप में एक भी बड़ी पारी खेलने में कामयाब नहीं हो पाए, ऐसा ही कुछ हाल फखर जमा का भी रहा। केवल उपकप्तान मोहम्मद रिजवान ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन फाइनल में उनकी धीमी बल्लेबाजी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। साथ ही मिडल आर्डर में भी पाकिस्तान में कुछ न कुछ बदलाव देखने के लिए मिल सकते हैं। पाकिस्तान के कई चैंपियन खिलाड़ी बाहर बैठे हुए हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी मौका नहीं दिया जा रहा है। देखना होगा कि पाकिस्तानी सेलेक्टर्स किन खिलाड़ियों को मौका देते हैं और टी20 विश्व कप के लिए कैसी टीम बनती है।

जमशेदपुर पूर्व सीट से पिछड़ रहे सीएम रघुवर दास ने हार स्वीकार की

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीसोने की कीमत में आज बड़ा उलटफेर, 10 ग्राम गोल्ड अब इतने का मिलेगा******सोने की कीमत में बड़ा उलटफेर, 10 ग्राम गोल्ड अब इतने का मिलेगानई दिल्ली: सोने की कीमत में लगातार बदलाव जारी है। सोना खरीदने की सोच रहे है या उसमें निवेश करना चाहते है तो आज सोने का क्या भाव है उसकी जानकारी आपको दी जा रही है। मजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे स्थानीय वायदा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 218 रुपये की तेजी के साथ 47,902 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त महीने की डिलिवरी के लिये सोने की कीमत 218 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 47,902 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 10,393 लॉट के लिये कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली करने से सोना वायदा कीमतों में जाभ दर्ज हुआ। वैश्विक स्तर पर न्यूयार्क में सोने की कीमत 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,807.20 डॉलर प्रति औंस हो गई।मजबूत हाजिर मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को चांदी की कीमत 468 रुपये की तेजी के साथ 69,980 रुपये प्रति किलो हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी के सितंबर डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध का भाव 468 रुपये यानी 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 69,980 रुपये प्रति किलो हो गया। इस वायदा अनुबंध में 10,034 लॉट के लिये सौदे किये गये। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू बाजार में चांदी में तेजी के रुख के कारण कारोबारियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में चांदी कीमतों में तेजी आई। वैश्विक स्तर पर, न्यूयार्क में चांदी का भाव 1.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 26.45 डालर प्रति औंस हो गया।मजबूत हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को कच्चा तेल की कीमत 37 रुपये की तेजी के साथ 5,534 रुपये प्रति बैरल हो गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चातेल के जुलाई डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 37 रुपये अथवा 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,534 रुपये प्रति बैरल हो गई जिसमें 5,562 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से वायदा कारोबार में कच्चातेल कीमतों में तेजी आई। वैश्विक स्तर पर, न्यूयॉर्क में वेस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल का दाम 1.04 प्रतिशत घटकर 74.13 डालर प्रति बैरल रह गया। वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड का दाम 0.87 प्रतिशत बढ़कर 75.18 डालर प्रति बैरल हो गया।हाजिर बाजार में एलॉय निर्माताओं की मांग बढ़ने के बीच सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को निकेल वायदा भाव 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,369.50 रुपये प्रति किलो हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में जुलाई माह में डिलीवरी होने वाले निकेल अनुबंध का भाव 15.90 रुपये यानी 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,369.50 रुपये प्रति किलो हो गया। इसमें 2,510 लॉट के लिये सौदे किये गये। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि हाजिर बाजार में एलॉय निर्माताओं की मांग बढ़ने के कारण मुख्यत: निकेल वायदा कीमतों में लाभ दर्ज हुआ।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकी'यूपी-बिहार-दिल्ली के 'भइये' पंजाब में राज करना चाहते हैं', प्रियंका गांधी की मौजूदगी में चन्नी ने दिया बयान******Highlights पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक चुनावी रैली के दौरान लोगों से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के ‘‘भैया’’ को राज्य में प्रवेश नहीं करने देने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया है। प्रतीत होता है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं को ध्यान में रखकर यह टिप्पणी की। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के संदर्भ में ‘‘भैया’’ शब्द को आम तौर पर आपत्तिजनक माना जाता है।सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में मंगलवार को रूपनगर में एक रोड शो के दौरान चन्नी की टिप्पणी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को ताली बजाते हुए देखा गया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ पंजाब की बहू हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली के भैया, जो पंजाब में राज करना चाहते हैं, हम उन्हें राज्य में घुसने नहीं देंगे।’’आम आदमी पार्टी (आप) ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी की आलोचना की है। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के अपने समकक्ष की टिप्पणी को ‘बेहद शर्मनाक’ करार दिया। चन्नी के बयान के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, ‘‘हम किसी भी व्यक्ति या किसी विशेष समुदाय के खिलाफ की गई गलत टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं।’’ केजरीवाल ने कहा कि चन्नी ने पूर्व में उनकी त्वचा के रंग को लेकर ताना मारते हुए उन्हें ‘काला’ कहा था। जब भगवंत मान ने कहा कि प्रियंका गांधी भी उत्तर प्रदेश से जुड़ी हैं तो केजरीवाल ने कहा कि वह भी ‘भैया’ हैं।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता तेजस्वी सूर्या ने ट्विटर पर चन्नी का वीडियो साझा किया और इसे लेकर प्रियंका गांधी पर निशाना साधा। सूर्या ने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी जी उत्तर प्रदेश में आ कर अपने को उत्तर प्रदेश की बेटी बताती हैं और पंजाब में उत्तर प्रदेश-बिहार के लोगों के अपमान पर ताली बजाती हैं, ये ही इनका दोहरा चरित्र है और चेहरा भी।’’

जमशेदपुर पूर्व सीट से पिछड़ रहे सीएम रघुवर दास ने हार स्वीकार की

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीPunjab News: फसल को भी लगा चीनी वायरस! बीमारी की चपेट में 34 हजार हेक्टेयर धान के खेत******Highlightsपंजाब में 34,000 हेक्टेयर से अधिक धान की फसल में ‘बौनेपन’ का रोग देखा गया है। राज्य के कृषि विभाग ने इस बीमारी (ड्वार्फ डिजीज) से प्रभावित क्षेत्रों में औसतन पांच प्रतिशत फसल के नुकसान का अनुमान लगाया है। कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि विभाग के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, बौना रोग का सबसे अधिक प्रभाव मोहाली (6,440 हेक्टेयर), पठानकोट (4,520 हेक्टेयर), गुरदासपुर (3,933 हेक्टेयर), लुधियाना (3,500 हेक्टेयर), पटियाला (3,500 हेक्टेयर) और होशियारपुर (2,782 हेक्टेयर) के धान के खेतों में देखा गया था।लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने पहले राज्य के कई हिस्सों में धान के पौधों के बौनेपन के पीछे दक्षिणी चावल ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस (एसआरबीएसडीवी) का प्रकोप देखा था, जिसे बौना रोग भी कहा जाता है। इस वायरस को पहली बार वर्ष 2001 में दक्षिणी चीन में पाये जाने की खबर मिली थी जिसके बाद अब पंजाब में पाया गया है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि इस बीमारी के हमले के कारण कुछ पौधे मर गए थे और कुछ धान के खेतों में सामान्य पौधों की तुलना में आधे से एक-तिहाई ऊंचाई के साथ कम रह गए थे। धान के पौधों की बौनेपन की रिपोर्ट के बाद, राज्य के कृषि विभाग ने पंजाब में धान के खेतों पर SRBSDV रोग के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक सर्वेक्षण किया। सर्वे के मुताबिक, पंजाब में 34,347 हेक्टेयर धान के रकबे में बौना रोग पाया गया है। अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर मोहाली, पठानकोट, गुरदासपुर और लुधियाना में देखा गया है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रभावित क्षेत्रों में औसतन पांच प्रतिशत उपज घटने की आशंका है।’’पीएयू के निदेशक (अनुसंधान) जी एस मंगत ने कहा कि बौना रोग समयपूर्व रोपे गये धान पर दिखाई दे रहा था। उन्होंने आगे कहा, ‘‘बीमारी ने 20 जून तक बोई गई फसल को प्रभावित किया है।’’ विशेषज्ञों के अनुसार, इस रोग का सर्वाधिक प्रभाव पीआर-121 धान की किस्म में देखा गया क्योंकि इसके 20 जून के बाद बुवाई करने को कहने के बावजूद किसानों ने इसे समय से पहले बोया था। मंगत ने कहा कि विभिन्न कारकों में, उच्च तापमान इस रोग के बढ़ने के अनुकूल साबित हुआ है।अन्य देशों में प्रकाशित वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार, एसआरबीएसडीवी, सफेद पीठ वाले प्लांट हॉपर (डब्ल्यूबीपीएच) के मादा एवं वयस्क वायरस से फैलता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार बौनेपन का शिकार होने के बाद इस रोग को किसी भी कृषि रसायन से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। पंजाब में खरीफ सत्र में धान की बुवाई 30.84 लाख हेक्टेयर में की गई है। विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पहले ही राज्य सरकार से उन धान उत्पादकों के लिए 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मांगा था, जिनके खेत इस बौनेपन वाले रोग से प्रभावित हुए थे।

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीPakistani Serial: अब OTT पर भी ले सकते हैं पाकिस्तान के इन बेहतरीन सीरियल्स का मज़ा, दिल को छू लेंगी सभी कहानियां******Highlightsपिछले काफी वक्त से भारत में पाकिस्तान ड्रामें काफी पसंद किए जा रहे हैं। सादगी और इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाली पाकिस्तानी सीरियल्स की कहानियां भारत के लोगों के दिलों में भी घर कर रही हैं। इन सीरियल्स की दीवानगी कुछ इस कदर है कि जनता की मांग पर इन्हें दोबारा टेलिकास्ट भी किया जाता है। एक से बढ़कर एक कहानियां आपको पाकिस्तान के सीरियल्स में देखने को मिल जाएंगी। ऐसे में अब लोगों की भारी डिमांड को पूरा करते हुए पाकिस्तान के बेहतरीन और बेस्ट सीरियल्स का लुत्फ अब OTT पर भी उठाया जा सकता है।पाकिस्तान के मशहूर एक्टर फवाद खान सीरियल 'ज़िंदगी गुलज़ार है' से ही एक्टर बने। इस सीरियल से फवाद को बेशुमार प्यार मिला। फवाद के साथ-साथ सीरियल में सोनम सईद भी लीड रोल में हैं। सीरियल की कहानी कशफ और जारून की है। सीरियल की कहानी शो के नाम को पूरी तरह से जस्टिफाई करती है। उतार-चढ़ाव, मेहत-लगन और परिवार की ज़िम्मेदारी का मज़ेदार मसाला आपको इस सीरियल में देखने को मिलेगा। इस प्यारी से कहानी को अब आप नेटफ्लिक्स पर भी देख सकते हैं।पाकिस्तान के सीरियल ‘हमसफर’ (Humsafar) ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। ये सीरियल लोगों के दिलों को छू गया था। बेहतरीन कहानी और शानदार डायलॉग्स के साथ आज भी सीरियल ‘हमसफर’ ऑडियंस के दिलों पर राज करता है। इसमें लीड रोल में एक्टर फवाद खान और एक्ट्रेस माहिरा खान हैं। सीरियल की कहानी आपकी आंखें नम कर देगी। इस सीरियल को लोग बार-बार देखना पसंद करते हैं। लेकिन अब आप इसे कभी भी कहीं भी नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।पाकिस्तानी सीरियल ‘सदके तुम्हारे’ में माहिरा खान ने अपनी दमदार अदाकारी से खूब तारीफें लूटी। लव स्टोरी तो आपने कई देखी होंगी । लेकिन ये कोई आम प्रेम कहानी नहीं है। डार्क प्लॉट के साथ तैयार किया गया ये सीरियल अब नेटफ्लिक्स पर मौजूद है।पाकिस्तान के बेहतरीन ड्रामों की लिस्ट में दाम का नाम भी शामिल है। ये सीरियल दोस्ती के मज़बूत रिश्ते पर बनाया गया है। जिसमें दो लड़कियां ज़ारा और मलीहा एक-दूसरे की खातिर कुछ भी कर गुज़रने को तैयार हैं। लेकिन बिना तमाशे के भला कोई कहानी पूरी कहां होती है। बाकी शोज की तरह आप इसे भी नेटफ्लिक्स पर ही देख सकते हैं।फवाद खान के बेहतरीन ड्रामों में ‘दास्तान’ (Dastaan) का नाम शामिल है। फवाद के साथ इस सीरियल में सनम बलोच और सबा कमर लीड रोल में हैं। सीरियल की कहानी लव ट्रायंगल पर बेस्ड है। इस शो में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय की प्रेम कहानी को दिखाया गया है। इस सीरियल को भी नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीRiddhima Kapoor Sahani: लंदन फैशन वीक रनवे पर डेब्यू करेंगी रिद्धिमा कपूर साहनी******रिद्धिमा कपूर साहनी (Riddhima Kapoor Sahani) लंदन फैशन वीक के रनवे पर डेब्यू करेंगी और ब्रिटिश फैशन डिजाइनर हेलेन एंथनी (Helen Anthony)के लिए इस शो की शुरूआत करेंगी। यह पहली बार है जब प्रभावशाली और भारतीय ज्वैलरी डिजाइनर एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर रनवे पर चलने के लिए तैयार हैं। रिद्धिमा अपनी और एंथनी की रचनाओं को पहनकर शो की शुरूआत करेंगी।रिद्धिमा कपूर साहनी कहती है, 'मुझे उन शो पर हमेशा गर्व रहा है, जो मैंने भारत में किए हैं। लेकिन इसके लिए मैं थोड़ी सी खुश और घबराई हुई हूं क्योंकि यह पहली बार है जब मैं एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर चलूंगी, वह भी लंदन फैशन वीक में। मेरे शो के लिए दो लुक हैं, लेकिन वे दोनों अभी सरप्राइज हैं, मुझे एंथनी पर पूरा भरोसा है, इसलिए मैं यह देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकती कि वे कैसे हैं।'यह शो 19 सितंबर, 2022 को लंदन के पार्कक्रो में आयोजित होने वाला है और इसमें एंथनी के कपड़ों के साथ रिद्धिमा एक्स पंजाब ज्वैलर के विशेष आभूषण जोड़े जाएंगे। दोनों ब्रांड अपने-अपने क्षेत्रों की महान डिजाइन विरासतों को जीवंत करने और विश्व स्तर पर प्रसिद्ध मंच पर एक शिल्प विनिमय को सक्षम करने के लिए सहयोग कर रहे हैं।यह भी पहली बार है जब ज्वैलरी डिजाइनर अपनी रचनाओं को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करेगी। 'शो ईस्ट मीट वेस्ट पर आधारित है और यह सहयोग मेरे दिल के बहुत करीब है। दोनों टीमों ने कई जूम कॉल पर ये योजना बनाई है, और मुझे खुशी है कि हमरा अच्छा तालमेल है। मेरा संग्रह 'समारा' शीर्षक से है जो मेरी बेटी से प्रेरित है। यह पूर्व और पश्चिम का संगम है, इसमें समकालीन टुकड़ों के साथ-साथ पोल्की और डायमंड स्टेटमेंट डिजाइन का मिश्रण है।'रनवे पर, कुंदन पोल्की, जड़ाऊ, मीनाकारी और अन्य जैसी सदियों पुरानी तकनीकों का उपयोग कर तैयार किए गए गहनों को प्रदर्शित किया जाएगा। पारंपरिक पीले और सफेद सोने के हार, झुमके, कंगन और कमर बेल्ट को एंथनी के आधुनिक सिल्हूट के साथ जोड़ा जाएगा।

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीIPL 2022 : जसप्रीत बुमराह नहीं, ये है डेथ ओवर का स्पेशलिस्ट, सचिन तेंदुलकर ने बताया नाम******टी20 क्रिकेट में डेथ ओवर्स का बेहतरीन गेंदबाजी की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज कहलाता है। आईपीएल में दुनियाभर के गेंदबाज और बल्लेबाज खेल रहे हैं। खास तौर पर भारत के युवा तेज गेंदबाजों के लिए ये शानदार मौका है। आईपीएल में ही बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद खिलाड़ी टीम इंडिया में शामिल होते हैं और फिर अपनी चमक बिखेरते हैं। इस बीच क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने हर्षल पटेल के डेथ आवरों में शानदार प्रदर्शन की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि हर्षल पटेल ने अपनी विविधताओं को खूबसूरती से तराशा है, यही वजह है कि आरसीबी के हर्षल पटेल आईपीएल के पिछले कुछ सीजन में इतना बेहतरीन प्रदर्शन कर पा रहे हैं।सचिन तेंदुलकर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा है कि हर्षल पटेल भारतीय क्रिकेट के लिए एक अनमोल रतन हो सकते हैं। सचिन तेंदुलकर ने हर्षल पटेल को डेथ ओवरों में सबसे शक्तिशाली गेंदबाजों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब केवल 209 रन बनाने में सक्षम हुआ और वह केवल हर्षल पटेल की वजह से। उनकी गेंदबाजी में हर मैच के साथ सुधार हुआ है क्योंकि वह अपनी विविधता को खूबसूरती से छिपाने में सक्षम हैं। मुझे लगता है कि जब डेथ ओवरों में गेंदबाजी की बात आती है तो वो देश के सबसे शानदार गेंदबाजों में से एक हैं। पंजाब किंग्स 13 मई को ब्रेबोर्न स्टेडियम में आरसीबी के खिलाफ धुआंधार बल्लेबाजी के दम पर 240-250 के स्कोर तक पहुंचती दिख रही थी, लेकिन 209 तक ही पहुंच पाई। हर्षल पटेल ने 8.50 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 4-0-34-4 के शानदार आंकड़े हासिल किए।बता दें कि हर्षल पटेल ने आईपीएल 2021 में 15 मैचों में 32 विकेट लेकर पर्पल कैप हासिल किया था। उन्होंने उस साल 27 देकर एक बार पांच विकेट भी लिए थे। हालांकि जब रिटेंशन की बारी आई तो आरसीबी ने उन्हें छोड़ दिया, लेकिन नीलामी में आरसीबी ने फिर से मोटी रकम देकर देकर अपने पाले में शामिल कर लिया था। आरसीबी ने 10.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस बार अभी तक हर्षल पटेल ने 12 मैचों में 18 विकेट लिए हैं। उनके आईपीएल करियर की बात करें तो हर्षल पटेल ने 96 विकेट लिए हैं। हालांकि आरसीबी इस बार प्लेआफ में जा पाएगी या नहीं, ये कहना अभी मुश्किल है।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीJayant Sinha: "विपक्ष ढूंढ रहा महंगाई, लेकिन वो तो है ही नहीं," BJP सांसद ने केजरीवाल को भी बता दिया हलवाई******Highlights भारतीय जनता पार्टी के सांसद जयंत सिन्हा ने सोमवार को कहा कि देश में विपक्ष को महंगाई ढूंढने से भी नहीं मिल रही है क्योंकि महंगाई है ही नहीं। उन्होंने लोकसभा में नियम 193 के तहत महंगाई पर चर्चा के दौरान टिप्पणी की। पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रेवड़ी कल्चर’ वाले एक बयान का हवाला देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और कहा कि दिल्ली वालों को एक ऐसा हलवाई मिला है जो जलेबी ही तलता रहता है और अब वह अपनी कढ़ाई लेकर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में घूम रहा है।झारखंड के हजारीबाग से लोकसभा सदस्य का कहना था विपक्ष के लोग महंगाई की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने शासन वाले राज्यों में महंगाई देखनी चाहिए। उन्होंने महंगाई के मोर्चे पर केंद्र सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘जरूरी वस्तुओं की कीमत पर इस सरकार का नियंत्रण अतुलनीय और अकल्पनीय है। आपके समय में ऐसा नहीं था। आज गरीब की थाली आंकड़ों से नहीं, वस्तुओं से भरी हुई है।’’ सिन्हा ने कहा, ‘‘विपक्ष महंगाई ढूंढ रहे हैं, लेकिन महंगाई नहीं मिल रही है क्योंकि महंगाई है ही नहीं।’’उनके अनुसार, ‘‘आम जनता के नजरिये से देखें तो पता चलेगा कि हमने उसकी थाली भर दी है। न सिर्फ थाली भर दी है, बल्कि गरीब के घर में बैंक का खाता पहुंचा दिया, बिजली पहुंचा दी, शौचालय पहुंचा दिया। 5 लाख रुपये का आयुष्मान बीमा दिया है। अगर 5 लाख आयुष्मान बीमा दिया तो फिर कौन सी महंगाई?’’ भाजपा नेता ने कहा कि करोड़ों लोगों को कम कीमत पर गैस सिलेंडर मुहैया कराया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर गरीब को महंगाई महसूस नहीं हो रही है तो यह प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण है। सत्ता में आते ही प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की। कोविड के समय सबके जनधन खाते में पैसा पहुंचा दिया।’’सिन्हा ने कहा, ‘‘विपक्ष के कई साथी आंकड़े लाते हैं। दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि मोदी जी की सरकार ने इस मुश्किल परिस्थितियों को जिस तरह से संभाला है उसकी कोई मिसाल नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत में महंगाई दर 7 प्रतिशत है, लेकिन अमेरिका जैसे देश में 8 प्रतिशत है। यही UPA सरकार के अंधेरे और हमारी सरकार की रोशनी के फर्क को दिखाता है।’’ सिन्हा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी हैं, इसलिए हम अपने आप को आश्वस्त महसूस कर रहे हैं कि हमें महंगाई की कोई खास चिंता नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें ‘रेवड़ी’ वालों की चिंता करनी है क्योंकि वह देश को बर्बाद कर रहे हैं।’’सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पर कटाक्ष करते कहा कि कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘संदेश’ रसगुल्ला और मिष्ठी दही दी जा रही है और राजस्थान में चूरमा भी दिया जा रहा है। उन्होंने केजरीवाल का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘दिल्ली वालों को ऐसा हलवाई मिला है जो जलेबी ही तलता रहता है। वह जलेबी की कढ़ाई लेकर पंजाब पहुंच गया। अब वही कढ़ाई लेकर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में घूम रहा है।’’

जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीCSK vs RR : एमएस धोनी की कप्तानी वाली CSK में आज मिल सकता है इस खिलाड़ी को मौका******Highlightsआईपीएल 2022 में आज एमएस धोनी की कप्तानी वाली सीएसके और संजू सैमसन की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स की टीम आमने सामने होने जा रही हैं। आईपीएल की चार बार की चैंपियन टीम चेन्नई सुपरकिंंग्स का ये आईपीएल खत्म ही हो चुका है, क्योंकि टीम प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर है। टीम आज अपना आखिरी लीग मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेगी। चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए आईपीएल का ये सीजन काफी खराब गया है। इस बीच सवाल ये है कि टीम आज किस प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान में उतरेगी। चेन्नई सुपरकिंग्स के पास अब खोने के लिए कुछ भी नहीं है, इसलिए टीम कुछ प्रयोग आज के मैच में कर सकती है। वहीं, राजस्थान रॉयल्स की टीम का प्लेऑफ में जाना तो पक्का है, लेकिन आधिकारिक रूप से टीम अभी तक क्वालीफाई नहीं कर पाई है। आज का मैच जीतकर टीम प्लेआफ में पहुंच जाएगी।चेन्नई सुपरकिंग्स ने आईपीएल 2022 में अब तक 13 मैच खेले हैं और उसमें से टीम केवल चार ही मुकाबले जीत पाई है। टीम इस वक्त आईपीएल 2022 की प्वाइंट्स टेबल में नंबर नौ पर है। आज जब सीएसके के कप्तान एमएस धोनी टॉस के लिए मैदान में उतरेगी तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या राजवर्धन हैंगरगेकर को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है कि नहीं। उन्होंने अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है। ऐसे में संभावना पूरी है कि वे आज खेलते हुए दिखाई दें। राजवर्धन हैंगरगेकर को सीएसके ने 1.5 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि राजर्धन हैंगरगेकर का बेस प्राइज 30 लाख रुपये ही था, लेकिन इसके बाद भी सीएसके ने उन पर बड़ी बोली लगाई ​थी। बड़ी बात ये है कि जब टीम इंडिया ने अंडर 19 विश्व कप जीता था, तब राजवर्धन हैंगरगेकर उस टीम का हिस्सा थे और उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया था। इसी आधार पर उनका चयन आईपीएल में हुआ, लेकिन अभी तक वे बैंच पर बैठे हैं और उन्हें अपना हुनर दिखाने का मौका नहं मिला है।राजवर्धन हैंगरगेकर ने अंडर 19 विश्व कप में 52 रन बनाए थे और पांच विकेट भी अपने नाम किए थे। यानी उनका प्रदर्शन आलराउंडर वाला था। वैसे तो राजवर्धन हैंगरगेकर तेज गेंदबाज हैं, लेकिन लोअर आर्डर में वे तेजी से रन भी बनाते हैं। राजवर्धन हैंगरगेकर काफी स्पीड से गेंद डालते हैं, इससे बल्लेबाज कई बार मात खा जाता है और अपना विकेट दे बैठता है।जमशेदपुरपूर्वसीटसेपिछड़रहेसीएमरघुवरदासनेहारस्वीकारकीबत्ती गुल! राजस्थान महाराष्ट्र सहित 13 राज्यों की बिजली कंपनियों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 27 डिस्कॉम पर लगी पाबंदी******बिजली वितरण कंपनियों का बकाया अब वाकई में खतरे के निशान को पार कर गया है। इसे देखते हुए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठा लिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरशन लि.(पोसोको) ने तीन बिजली बाजारों आईईएक्स, पीएक्सआईएल और एचपीएक्स से 13 राज्यों की 27 विद्युत वितरण कंपनियों के बिजली कारोबार को प्रतिबंधित कर दिया है। इन वितरण कंपनियों के ऊपर बिजली उत्पादक कंपनियों का पैसा बकाया है।POSOCO ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX), पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (PXIL) और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज (HPX) को 13 राज्यों की वितरण कंपनियों के कारोबार को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल हैं।बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला पोसोको देश में बिजली व्यवस्था के एकीकृत परिचालन का प्रबंधन करता है। पोसोको ने तीनों बिजली बाजारों को लिखे पत्र में कहा है कि 13 राज्यों में 27 वितरण कंपनियों के लिये बिजली बाजार के सभी उत्पादों में खरीद बिक्री डिलिवरी तारीख 19 अगस्त, 2022 से अगली सूचना तक पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी।पत्र में कहा गया है कि प्राप्ति (भुगतान पुष्टि और उत्पादकों के चालान में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली खरीद विश्लेषण) पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन वितरण कंपनियों के ऊपर बिजली उत्पादक कंपनियों के बकाया को देखते हुए यह फैसला किया गया है। भुगतान सुरक्षा व्यवस्था के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों को उत्पादक कंपनियों का बकाया भुगतान नहीं होने पर विद्युत बाजार में कारोबार को लेकर प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके तहत, ‘‘बिजली की आपूर्ति तभी की जाएगी जब पर्याप्त भुगतान सुरक्षा व्यवस्था बनायी रखी जाए या उसके अभाव में अग्रिम भुगतान किया जाता है।’’

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2022-09-29 15:31
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Alert: लॉकडाउन खुलने से पहले कार, मोटरसाइकिल चालकों को मंत्रालय ने दी ट्रैफिक चालान की चेतावनी******Alert: लॉकडाउन खुलने से पहले कार, मोटरसाइकिल चालकों को मंत्रालय ने दी ट्रैफिक चालान की चेतावनीनई दिल्ली: परिवहन मंत्रालय ने लॉकडाउन खुलने से पहले कार, मोटरसाइकिल चालकों के लिए ट्रैफिक चालान को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। अगर आप भी अपनी कार या मोटरसाइकिल लेकर ऑफिस, किसी अन्य काम से बाहर जाते हो तो सावधान हो जाइए। आपकी यह एक गलती आपके ट्रैफिक चालान का कारण बन सकती है। परिवहन मंत्रालय ने ऐसे ट्रैफिक नियम को लेकर चेतावनी जारी की है जिसका लोग अकसर कम ध्यान रखते है। मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया है कि हाईबीम कर वाहन चलाना जहां हाईबीम की जरुरत ना हो दंडनीय अपराध है इसके लिए आपको 500 रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके साथ ही सुरज के ढल के बाद अगर आपने अपनी हेडलाइट ऑन नही की है तो आपको इसके लिए भी 500 रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।इसके अलावा अभी हाल ही में परिवहन मंत्रालय ने तेजी से कार चलाने वालों को चेतावनी दे थी। मंत्रालय ने कहा है था कि check yourself before you wreck yourself' (अपनी जिंदगी खत्म करने से पहले अपने में सुधार कर लें)। नए सड़क सुरक्षा कानून के तहत अगर तेज गति से वाहन चलाते है तो आपके उपर 5000 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।यातायात के नियम का उल्लंघनपुराना चालान/जुर्मानानया चालान/जुर्मानासामान्य100 रूपये500 रूपयेसड़क विनियमन उल्लंघन के नियम100 रूपये500 रूपयेयातायात अधिकारीयों के आदेशों की अवहेलना करना500 रूपये2,000 रूपयेबिना लाइसेंस के वाहनों का अनाधिकृत उपयोग करना1,000 रूपये5,000 रूपयेबिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना500 रूपये5,000 रूपयेयोग्य नहीं होने के बावजूद ड्राइविंग करना500 रूपये10,000 रूपयेसामान्य से अधिक वाहन परकुछ नहीं5,000 रूपयेअधिक गति होने पर400 रूपये1,000 रूपयेखतरनाक ड्राइविंग होने पर1,000 रूपये5,000 रूपये तकशराब पी कर गाड़ी चलाने पर2,000 रूपये10,000 रूपयेतेजी / रेसिंग करने पर500 रूपये5,000 रूपयेबिना परमिट के वाहन चलाने पर5,000 रूपये तक10,000 रूपये तकएग्रेगेटर (लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन)कुछ नहीं25,000 से 1 लाख रूपये तकओवरलोडिंग होने पर2,000 रूपये और प्रति अतिरिक्त टन पर 1,000 रूपये20,000 रूपये और प्रति अतिरिक्त टन पर 2,000 रूपयेयात्रियों की ओवरलोडिंग होने परकुछ नहीं1,000 रूपये प्रति अतिरिक्त यात्रीसीट बेल्ट न लगाने पर100 रूपये1,000 रूपये2 पहिला वाहनों पर ओवरलोडिंग होने पर100 रूपये2,000 रूपये और 3 महीने के लिए लाइसेंस की अयोग्यताहेल्मेट्स नहीं लगाने पर100 रूपये1,000 रूपये और 3 महीने के लिए लाइसेंस की अयोग्यताइमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं कराने परकुछ नहीं1,000 रूपयेबीमा के बिना ड्राइविंग करने पर1,000 रूपये2,000 रूपयेकिशोरों द्वारा किया गया अपराध परकुछ नहीं1. अभिभावक या मालिक को दोषी माना जायेगा.2. 3 साल की कैद के साथ 25,000 रूपये.3. किशोरी पर जेजे अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जायेगा.4. वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जायेगा.दस्तावेजों को लगाने के लिए यातायात अधिकारीयों का पॉवरकुछ नहींड्राइविंग लाइसेंस का निलंबनयातायात अधिकारीयों को लागू करने से होने वाले अपराधकुछ नहींसंबंधित सेक्शन के तहत 2 बार जुर्माना
2022-09-29 14:08
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Misuse of central agencies: संसद में उठा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला, सरकार और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक******Highlights प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर बृहस्पतिवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और दोनों ने इसे लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के उद्देश्य से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने उसके आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस अपने शासन काल में ऐसा करती होगी, लेकिन भाजपा ने कभी ऐसा नहीं किया।इस मुद्दे पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने उच्च सदन में जोरदार हंगामा किया। हंगामे के कारण शून्य काल बाधित हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा आरंभ होने पर भी हंगामा जारी रहा और पीठासीन उपाध्यक्ष विजय साई रेड्डी ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल पूरा कराया। खड़गे ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ''सदन की बैठक हो रही है। मैं भी इस सदन का एक सदस्य हूं और विपक्ष का नेता भी हूं। लेकिन मुझे इस वक्त ईडी का समन आता है कि जल्दी आइए।'' खड़गे ने कहा कि उन्हें 12.30 बजे ईडी ने बुलाया है इसलिए कानून का पालन करने के लिए वहां ईडी कार्यालय जाना चाहते हैं।हम डरेंगे नहीं, मुकाबला करेंगे: खड़गेउन्होंने कहा, ''सदन चल रहा है, उस वक्त ईडी द्वारा मुझे बुलाना, क्या यह उचित है? '' नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के आवासों को घेर लिया है और बड़ी संख्या में आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ''अगर हम इस तरह से चलेंगे तो क्या हमारा लोकतंत्र जीवित रहेगा? क्या संविधान के तहत हम चलेंगे? वे जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं ताकि हमें हतोत्साहित कर सकें। हमको खत्म करने के लिए डराने के लिए, लेकिन हम डरेंगे नहीं, मुकाबला करेंगे।''खड़गे को पीयूष गोयल का जवाबसदन के नेता पीयूष गोयल ने खड़गे के आरोपों का प्रतिकार किया और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज में सरकार कभी भी दखल नहीं देती है। इसके बाद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों ने हंगामा आरंभ कर दिया। गोयल ने कहा, ''शायद इनके (कांग्रेस) जमाने में, जब इनकी सरकार थी तब ये लोग हस्तक्षेप करते होंगे विपक्ष के नेता ने जो बात कही है, वह पूरी तरह से बेबुनियाद है। अगर किसी ने कोई गलत काम किया है तो कानून अपना काम करता है।''
2022-09-29 13:23
उद्धरण 3 इमारत
Punjab News: दो साल पुराने मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान हुए अदालत में पेश******Highlightsपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दो साल पहले उनके खिलाफ दर्ज हुए दंगा के एक मामले में शनिवार को एक स्थानीय अदालत में पेश हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के दौरान मान का प्रतिनिधित्व पूर्व महाधिवक्ता अनमोल रतन सिद्धू ने किया। अदालत में पेश होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी पार्टी (आम आदमी पार्टी) ने बिजली दरों में कमी की मांग को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया था।मान ने संवाददाताओं से कहा कि प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछार का इस्तेमाल किया गया था और बाद में उस समय हमारे खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। मान और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ जनवरी 2020 में पार्टी की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान दंगा, मारपीट, पुलिस को उनके कर्तव्य का पालन करने से रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उस समय अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) विपक्ष में थी।पुलिस ने इन धाराओं में किया मामला दर्जमामले में चंडीगढ़ पुलिस ने धारा 147, 149, 332 और 353 के तहत चार्जशीट दायर किया गया है। आपको बता दें कि पंजाब ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में एक जनवरी 2020 से 36 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की थी। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे। आम आदमी पार्टी के विधायकों सहित दूसरे कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया था। इसी समय मान और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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